बुधवार, 19 अगस्त 2026

देखो माई ये बड़भागी मोर.../ रचना : भक्त सूरदास / गायन : मुदिता एवं रुचिरा जमरिया

https://youtu.be/hr0MyKc616U  


देखो माई ये बड़भागी मोर।
जिनकी पंख को मुकुट बनत है, शिर धरें नंदकिशोर॥१॥

ये बडभागी नंद यशोदा, पुन्य किये झकझोर।
वृंदावन हम क्यों न भई रज लागत पग की कोर॥२॥

ब्रह्मदिक सनकादिक नारद, ठाढ़े हैं कर जोर।
सूरदास संतन को सरबस देखियत माखन चोर॥३॥

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