rashmi rekh
ग़ज़ल (१९९४)
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शनिवार, 12 मार्च 2011
मैं होली में आऊँगा...
ग़
ज़
ल
-अरुण मिश्र
टिप्पणी : होली की
मस्ती भरी वर्ष १९९४
में
लिखी यह ग़ज़ल,
आने वाली होली की
शुभकामनाओं के साथ
ब्लागार्पित है | रंगों एवं
मस्तियों का यह त्यौहार
सभी को
बहुत-बहुत
शुभ हो |
- अरुण मिश्र.
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