https://youtu.be/0bKv2vPDziE
ज़िला खान एक भारतीय सूफ़ी गायिका और अभिनेत्री है।वह भारतीय शास्त्रीय संगीत और अर्ध-शास्त्रीय संगीत गाती हैं और इम्दादखानी घराने की परंपरा में प्रदर्शन करती है। उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी और गौहर जैसे नाटकों में भी अभिनय किया है। वह बॉलीवुड फिल्मों और विज्ञापनों के लिए एक पार्श्व गायिका के रूप मे भी गाती हैं। वह चाहती हैं कि, महिलाओं को शिक्षा में स्वतंत्रता और लैंगिक समानता मिले। वह एक संगीतकार और संगीत निर्देशक भी हैं। उन्होंने अपने पिता उस्ताद विलायत खान पर स्पिरिट टू सोल नामक एक वृत्तचित्र का निर्माण और निर्देशन भी किया है। ज़िला खान, भारत के महान सितारवादक उस्ताद विलायत खान की बेटी हैं और उनके औपचारिक शिष्या भी हैं। उनका नाम उनके पिता द्वारा अमीर खुसरू के ज़िला काफ़ी राग पे रखा गया था।भारतीय शास्त्रीय संगीत, अर्ध-शास्त्रीय संगीत, सूफी, फोक और भक्ति संगीत जैसी विभिन्न संगीत शैलियों पर उनकी बहुत अच्छी पकड़ है। वह अलग-अलग 8 भाषाओं में गा सकती हैं और अंग्रेजी, लैटिन, फारसी और अरबी में 'पश्चिमी समारोहों' में भी गाती हैं। उन्होंने कई जैज़ फ़ेस्टिवल्स में कई कलाकारों और शैलियों की प्रस्तुति दी है। सूफी संगीत में, वह क़ौल, क़लबाना, गुल जैसी शैलियों में प्रदर्शन करती है और अब अपने आपको पारंपरिक ग़ज़ल गायन के पुनरुद्धार के लिए समर्पित कर रही हैं। उनके प्रदर्शनों में गायकी परंपरा की मार्गदर्शक उपस्थिति है।उन्होंने देश और विदेशों में हर प्रमुख संगीत समारोह में प्रदर्शन किया है: जैसे लिंकन केंद्र, कैनेडी केंद्र, सिम्फनी स्पेस, ब्रॉडवे, एमटीवी कोक स्टूडियो, एमटीवी आईजीजीवाई, ट्राफलगर स्क्वायर आदि।
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