रविवार, 18 दिसंबर 2022

मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे.../ अमीर ख़ुसरो / गायन : ज़िला ख़ान

https://youtu.be/0bKv2vPDziE 

ज़िला खान एक भारतीय सूफ़ी गायिका और अभिनेत्री है।
वह भारतीय शास्त्रीय संगीत और अर्ध-शास्त्रीय संगीत गाती हैं और 
इम्दादखानी घराने की परंपरा में प्रदर्शन करती है।
 उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी और 
गौहर जैसे नाटकों में भी अभिनय किया है। वह बॉलीवुड फिल्मों और 
विज्ञापनों के लिए एक पार्श्व गायिका के रूप मे भी गाती हैं। वह चाहती 
हैं कि, महिलाओं को शिक्षा में स्वतंत्रता और लैंगिक समानता मिले। 
वह एक संगीतकार और संगीत निर्देशक भी हैं। उन्होंने अपने पिता 
उस्ताद विलायत खान पर स्पिरिट टू सोल नामक एक वृत्तचित्र का 
निर्माण और निर्देशन भी किया है। 
ज़िला खान, भारत के महान सितारवादक उस्ताद विलायत खान की 
बेटी हैं और उनके औपचारिक शिष्या भी हैं। उनका नाम उनके पिता 
द्वारा अमीर खुसरू के ज़िला काफ़ी राग पे रखा गया था।
भारतीय शास्त्रीय संगीत, अर्ध-शास्त्रीय संगीत, सूफी, फोक और भक्ति 
संगीत जैसी विभिन्न संगीत शैलियों पर उनकी बहुत अच्छी पकड़ है। 
वह अलग-अलग 8 भाषाओं में गा सकती हैं और अंग्रेजी, लैटिन, फारसी 
और अरबी में 'पश्चिमी समारोहों' में भी गाती हैं। उन्होंने कई जैज़ 
फ़ेस्टिवल्स में कई कलाकारों और शैलियों की प्रस्तुति दी है। सूफी संगीत 
में, वह क़ौल, क़लबाना, गुल जैसी शैलियों में प्रदर्शन करती है और अब 
अपने आपको पारंपरिक ग़ज़ल गायन के पुनरुद्धार के लिए समर्पित कर 
रही हैं। उनके प्रदर्शनों में गायकी परंपरा की मार्गदर्शक उपस्थिति है।
उन्होंने देश और विदेशों में हर प्रमुख संगीत समारोह में प्रदर्शन किया है: 
जैसे लिंकन केंद्र, कैनेडी केंद्र, सिम्फनी स्पेस, ब्रॉडवे,  एमटीवी कोक स्टूडियो, 
एमटीवी आईजीजीवाई, ट्राफलगर स्क्वायर आदि।

मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे

घर नारी कंवारी कहे सो कहे
घर नारी कंवारी कहे सो कहे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे

पिया……..

सोहनी सुरतिया मोहनी मुरतिया
सोहनी सुरतिया मोहनी मुरतिया
सोहनी सुरतिया मोहनी मुरतिया
मोहनी मुरतिया

हाँ मोहनी मुरतिया
मोहनी मुरतिया
मैं तो ह्रदय के पीछे समा आयी रे
मैं तो ह्रदय के पीछे समा आयी रे

मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे

खुसरो
खुसरो निजाम के……..
आ आ आ

खुसरो निजाम के
निजा आआआआम के

खुसरो निजा आआआआम के
बलि बलि जाइये

बलि बलि जाइये, बलि बलि जाइये
बलि बलि जाइये, बलि बलि जाइये
बलि बलि जाइये, बलि बलि जाइये
मैं तो अनमोल चेली कहा आई रे
मैं तो अनमोल चेली कहा आई रे

मैं तो अनमोल चेली कहा आई रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
हो मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे

मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
अरे, मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
घर नारी गवारी कहे सो कहे
घर नारी गवारी कहे सो कहे

मैं तो पिया से
रे मैं तो पिया से नैना
हा मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे
मैं तो पिया से नैना लड़ा आयी रे

LYRICS AND ENGLISH TRANSLATION

Main To Piya Say Naina Lada Aayi Re - 2 (I've just come after making eyes meet with my love) Ghar Naari Kanwari Kahe So Kare  (If the women at home call me unwed, let them/Don't care
what the neighbourhood girls say) Main To Piya Say Naina Lada Aayi Re  (My eyes just met that of my love) Sohni Suratiya, Mohni Muratiya,   (A beautiful face, and an enchanting body/ his beautiful face,
charming like an idol) Haan mohni muratiya ...... (Yes an enchanting body / charming like an idol) mohni muratiya ...... (An enchanting body... / charming like an idol) Main To Hirday Ke Peechay Samaa Aayi Re (I've hidden it in the depths of my heart/ I've just made a place
in the bottom of his heart) Main To Piya Say  Ho Main To Piya Say Naina Lada Aayi Re  (I've just returned after seeing my love) Main To Piya Say Naina LadaAayi Re  (I've just returned after seeing my love) Khusrau Nijaam Ke Bali Bali Jaiye (I give my whole life to you Nijaam/I, Khusrau,
give my life to Nizamuddin in sacrifice) Main To Anmol Cheli Kaha Aayi Re  (Where am I the precious lover of his yet?/I've just had him
call me his most favourite disciple) Main To Piya Say Naina Lada Aayi Re  (I've just returned after seeing my love) Ghar Naari Kanwari Kahe So Kare  (If the women at home call me unwed, let them/Don't care
what the neighbourhood girls say) Main To Piya Say  Re Main To Piya Se Naina Haan Main Toh Piya Se Naina Lada Aayi Re  (Yes, I've just returned after seeing my love) Main To Piya Say Naina Lada Aayi Re (I've just returned after seeing my love)

शनिवार, 17 दिसंबर 2022

बृहदीश्वर स्तोत्र

 https://youtu.be/U2OyyvVb9Dw

https://youtu.be/OlJihB6r5tk


 बृहदीश्वर स्तोत्र 

प्रवरं प्रभुमव्ययरूपमजं 
हरिकेशमपारकृपाजलधिम्। 
अभिवाद्यमनामयमाद्यसुरं
भज रे बृहदीश्वरमार्तिहरम्। 

रविचन्द्रकृशानुसुलोचन-
मम्बिकया सहितं जनसौख्यकरम्। 
बहुचोलनृपालनुतं विबुधं
भज रे बृहदीश्वरमार्तिहरम्। 

हिमपर्वतराजसुतादयितं
हिमरश्मिविभूषितमौलिवरम्। 
हतपापसमूहमनेकतनुं
भज रे बृहदीश्वरमार्तिहरम्। 

हरिकेशममोघकरं सदयं
परिरञ्जितभक्तहृदम्बुरुहम्। 
सुरदैत्यनतं मुनिराजनुतं
भज रे बृहदीश्वरमार्तिहर
म्। 
|
त्रिपुरान्तकरूपिणमुग्रतनुं
महनीयमनोगतदिव्यतमम्। 
जगदीश्वरमागमसारभवं
भज रे बृहदीश्वरमार्तिहर
म्। 

मेरे दिल मेरे मुसाफ़िर.../ शायर : फैज़ अहमद फैज़ / गायन : जसविन्दर सिंह

 https://youtu.be/P-fHCVDFoMc


मेरे दिल मेरे मुसाफ़िर
हुआ फिर से हुक्म सादिर
के वतन बदर हों हम तुम
दें गली-गली सदाएँ
करें रुख़ नगर-नगर का
के सुराग़ कोई पाएँ
किसी यारे-नामाबर का
हर एक अजनबी से पूछें
जो पता था अपने घर का
सरे-कू-ए-नाशनायाँ
हमें दिन से रात करना
कभी इससे बात करना
कभी उससे बात करना
तुम्हें क्या कहूँ के क्या है
शबे-ग़म बुरी बला है
हमें ये भी था ग़नीमत
जो कोई शुमार होता
हमें क्या बुरा था मरना
अगर एक बार होता

शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022

कभी आह लब पे मचल गयी.../ ग़ुलाम अली

https://youtu.be/CattANui0AI 

कभी आह लब पे मचल गयी... 
शायर : रशीद क़ामिल
गायन : ग़ुलाम अली


कभी आह लब पे मचल गई कभी अश्क़ आँख से ढल गये
वो तुम्हारे ग़म के चराग़ हैं कभी बुझ गये कभी जल गये

मैं ख़याल-ओ-ख़्वाब की महफ़िलें न ब-कद्र-ए-शौक़ सजा सका
तेरी इक नज़र के साथ ही मेरे सब इरादे बदल गये

कभी रंग में कभी रूप में कभी छाँव में कभी धूप में
कहीं आफ़ताब-ए-नज़र हैं वो कभी माहताब में ढल गये

जो फ़ना हुये ग़म-ए-इश्क़ में उन्हें ज़िंदगी का न ग़म हु
जो न अपनी आग में जल सके वो पराई आग में जल गये

था उन्हें भी मेरी तरह जुनूँ तो फिर उनमें मुझमें ये फ़र्क़ क्‌यूँ
मैं गिरफ़्त-ए-ग़म से न बच सका वो हुदूद-ए-ग़म से निकल गये


गुरुवार, 15 दिसंबर 2022

तुम गगन के चन्द्रमा हो.../ फिल्म : सती सावित्री (१९६४) / गीतकार : भरत व्यास / प्रस्तुति : धनश्री देशपाण्डे

 https://youtu.be/f6rYfqHzTGY 

गीतकार : भरत व्यास
गायक : लता - मन्ना डे (फिल्म में)
संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
फिल्म : सती सावित्री (१९६४)

तुम गगन के चंद्रमा हो, मैं धरा की धूल हूँ
तुम प्रलय के देवता हो, मैं समर्पित फूल
तुम हो पूजा, मैं पुजारी, तुम सुधा, मैं प्यास हूँ

तुम महासागर की सीमा, मैं किनारे की लहर
तुम महासंगीत के स्वर, मैं अधूरी साजपर
तुम हो काया, मैं हूँ छाया, तुम क्षमा मैं भूल हूँ
तुम गगन के चंद्रमा हो...

तुम उषा की लालिमा हो, भोर का सिंदूर हो
मेरे प्राणों की हो गुंजन, मेरे मन की मयूर हो
तुम हो पूजा मैं पुजारी, तुम सुधा मैं प्यास हूँ
तुम गगन के चंद्रमा हो...




मंगलवार, 13 दिसंबर 2022

दुनिया रंग रंगीली बाबा.../ फिल्म : धरती माता (१९३८) / गीत : पण्डित सुदर्शन

 https://youtu.be/WadBoEZY9rE 


दुनिया रंग रंगीली बाबा...
फिल्म : धरती माता (१९३८)
गीत : पण्डित सुदर्शन
संगीत : पंकज मालिक
गायन : कुंदन लाल सहगल, पंकज मालिक एवं उमा शशि
(फिल्म में)
गायन : नितान्त एवं विभावरी (प्रस्तुत वीडियो में)

दुनिया रंग रंगीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली
दुनिया रंग रंगीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली

यह दुनिया एक सुन्दर बगिया
शोभा इसके न्यारे हैं
यह दुनिया एक सुन्दर बगिया
शोभा इसके न्यारे हैं
हर डारी पर जादू छाया
हर डारी पर जादू छाया
हर डारी मतवारी है
अद्भुत पंछी फूल मनोहर
अद्भुत पंछी फूल मनोहर
कली कली चटकीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली

दुनिया रंग रंगीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली
आ हा हा आ हा हा आ हा हा………..

कदम कदम पर आशा
अपना रूप अनूप दिखती है
कदम कदम पर आशा
अपना रूप अनूप दिखती है
बिगड़े काज बनती है
धीरज के गीत सुनाती है
बिगड़े काज बनती है
धीरज के गीत सुनाती है
इसका सुर मिश्री से
मीठा इसके तार सजीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली……

दुनिया रंग रंगीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली
आ हा हा आ हा हा आ हा हा………..

दुःख की नदिया जीवन नैया
आशा की पतवार लगे
दुःख की नदिया जीवन नैया
आशा की पतवार लगे
ओ नैया के खेने वाले
ओ नैया के खेने वाले
नैया तेरी पार लगे
पार बसत है देश सुनहरा
किस्मत छैल छबीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली
दुनिया रंग रंगीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली

दुनिया रंग रंगीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली
आ हा हा आ हा हा आ हा हा………..

दुनिया रंग रंगीली बाबा
दुनिया रंग रंगीली

रविवार, 11 दिसंबर 2022

कोई दोस्त है न रक़ीब है.../ शायर :राना सहरी / गायन : जगजीत सिंह

https://youtu.be/FyQDsM7D_HU 

कोई दोस्त है न रक़ीब है...

कोई दोस्त है न रक़ीब है
तेरा शहर कितना अजीब है

(रक़ीब = प्रेमिका का दूसरा प्रेमी, प्रेमक्षेत्र का प्रतिद्वंदी)


वो जो इश्क़ था वो जुनून था
ये जो हिज्र है ये नसीब है

(हिज्र = बिछोहजुदाई)

यहाँ किस का चेहरा पढ़ा करूँ
यहाँ कौन इतना क़रीब है

मैं किसे कहूँ मेरे साथ चल
यहाँ सब के सर पे सलीब है

(सलीब = सूली)