बुधवार, 31 जनवरी 2024

बसो जी मेरे नैनन में सिया राम.../ संत तुलसी दास / गायन : एस.ऐश्वर्या एवं एस.सौन्दर्या

 https://youtu.be/fG2kWOpV_4k  


जनक नन्दिनी, जगत वन्दिनी;
रघुनायक घनश्याम।।

कनक-मण्डप तले रतन-सिंहासन,
जुगल मूर्ति अभिराम।।

सरयू के तीर अयोध्या नगरी,
चित्रकूट निज धाम।।

तुलसीदास प्रभु की छवि निरखत,
लाजत कोटि-शत काम।। 

रविवार, 28 जनवरी 2024

रामचन्द्राय मङ्गलम् .../ भद्राचल रामदास कृति / गायन : एस.ऐश्वर्या एवं एस.सौन्दर्या

 https://youtu.be/WN1cchip8y8   


रामचन्द्राय जनकराजजा मनोहराय

मामकाभीष्टदाय महित मङ्गलम् ॥ 


कोसलेन्द्राय मन्दहासदासपोषणाय  

वासवादि विनुत सर्वदाय मङ्गलम् ॥ १॥  


चारुकुंकुमोपेतचन्दनादिचर्चिताय  

हारकटकशोभिताय भूरिमङ्गलम् ॥ २॥  


ललितरत्नकुण्डलाय तुलसीवनमालिकाय

जलजसदृशदेहाय चारुमङ्गलम् ॥ ३॥


देवकीसुपुत्राय देवदेवोत्तमाय

चावजातगुरुवराय भव्यमङ्गलम् ॥ ४॥


पुण्डरीकाक्षाय पूर्णचन्द्राननाय

अण्डजातवाहनाय अतुलमङ्गलम् ॥ ५॥


विमलरूपाय विविधवेदान्तवेद्याय

सुमुखचित्तकामिताय शुभदमङ्गलम् ॥ ६॥ 


रामदासाय मृदुलहृदयकमलवासाय  

स्वामि भद्रगिरिवराय सर्वमङ्गलम् ॥ ७॥

सोमवार, 22 जनवरी 2024

प्रेम मुदित मन से कहो, राम राम राम.../ गायन : कौशिकी चक्रवर्ती

 https://youtu.be/MKoCxBGi3iM   

प्रेम मुदित मन से कहो, 
राम राम राम ।
श्री राम, राम राम ।
श्री राम, राम राम ।
श्री राम, राम राम ।
जय राम, राम राम ।

पाप कटें दुःख मिटें,
लेत राम नाम ।
भव समुद्र सुखद नाव,
एक राम नाम ॥

श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
जय राम, राम राम

परम शांति सुख निधान,
नित्य राम नाम ।
निराधार को आधार,
एक राम नाम ॥

श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
जय राम, राम राम

परम गोप्य परम इष्ट,
मंत्र राम नाम ।
संत हृदय सदा बसत,
एक राम नाम ॥

श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
जय राम, राम राम

महादेव सतत जपत,
दिव्य राम नाम ।
कासी मरत मुक्ति करत,
कहत राम नाम ॥

श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
जय राम, राम राम

मात पिता बंधु सखा,
सब ही राम नाम ।
भक्त जनन जीवन धन,
एक राम नाम ॥

श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
जय राम, राम राम

प्रेम मुदित मन से कहो,
राम राम राम
श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
श्री राम, राम राम
जय राम, राम राम

रविवार, 21 जनवरी 2024

रघुपति राघव राजाराम.../ गायन : अरुणा साईराम

 https://youtu.be/IW7YvlP1ayE

श्रीमद्दशरथनन्दन राम !
श्रीमदयोध्यापालक राम !
हनुमत्सेवित निज पद राम !
सकल जीव संरक्षक राम !
धर्म स्थापन तत्पर राम !

रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम ॥ 
सुंदर विग्रह मेघश्याम गंगा तुलसी शालिग्राम ॥ 
भद्रगिरीश्वर सीताराम भक्त-जनप्रिय सीताराम ॥ 
जानकीरमणा सीताराम जयजय राघव सीताराम ॥ 
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम ॥ 
रघुपति राघव राजाराम पतित पावन सीताराम ॥

शनिवार, 20 जनवरी 2024

राम ज्योति जग गयी.../ गीत, संगीत एवं गायन : कैलाश खेर

 https://youtu.be/6DXkpBxLU5U  

प्रकाश जग मे हुआ अंधकार मिट गया
राम कि कृपा हुई आरम्भ राम युग हुआ 

प्रकाश जग मे हुआ अंधकार मिट गया
राम कि कृपा हुई आरम्भ राम युग हुआ

धन्यवाद भाव से तिनो लोक भर गये 
राम राम जप जप युग सारे तर गये

राम जी का आगमन अयोध्या सारी सज गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी

राम नाम मे मगन ध्यान सुरती लग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी

जग गये जन जन
हुआ राम मय मन मन
पल पल क्षण क्षण
तन मन अर्पण

विधी का विधान देखो हुआ राम आगमन
पुण्य से प्रारब्ध से हो रहा... युग परिवर्तन

राम नाम मे मगन ध्यान सुरती लग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी

प्रकाश जग मे हुआ अंधकार मिट गया
राम कि कृपा हुई आरम्भ राम युग हुआ
धन्यवाद भाव से तिनो लोक भार गये 
राम राम जप जप युग सारे तर गये

राम जी का आगमन अयोध्या सारी सज गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी

राम नाम मे मगन ध्यान सुरती लग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी

जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी
जग गयी जग गयी
राम ज्योती जग गयी

शुक्रवार, 19 जनवरी 2024

तस्कीं को हम न रोएँ जो ज़ौक़-ए-नज़र मिले.../ 'ग़ालिब' / गायन : फ़ारिहा परवेज़

 https://youtu.be/xnUvKWZ7kKo

तस्कीं को हम न रोएँ जो ज़ौक़-ए-नज़र मिले 
हूरान-ए-ख़ुल्द में तिरी सूरत मगर मिले 

अपनी गली में मुझ को न कर दफ़्न बाद-ए-क़त्ल 
मेरे पते से ख़ल्क़ को क्यूँ तेरा घर मिले 

साक़ी-गरी की शर्म करो आज वर्ना हम 
हर शब पिया ही करते हैं मय जिस क़दर मिले 

तुझ से तो कुछ कलाम नहीं लेकिन ऐ नदीम 
मेरा सलाम कहियो अगर नामा-बर मिले 

तुम को भी हम दिखाएँ कि मजनूँ ने क्या किया 
फ़ुर्सत कशाकश-ए-ग़म-ए-पिन्हाँ से गर मिले 

लाज़िम नहीं कि ख़िज़्र की हम पैरवी करें 
जाना कि इक बुज़ुर्ग हमें हम-सफ़र मिले 

ऐ साकिनान-ए-कूचा-ए-दिलदार देखना 
तुम को कहीं जो 'ग़ालिब'-ए-आशुफ़्ता-सर मिले

गुरुवार, 18 जनवरी 2024

ह्रदय में श्री राम हैं .../ गायन : सुरेश वाडेकर एवं आर्या अम्बेकर

 https://youtu.be/Jn8It904vDg  


ह्रदय में श्री राम हैं... 

श्रीराम ही आकाश हैं
श्रीराम अवनी धाम हैं
श्रीराम हर आयाम हैं
श्रीराम ही विश्राम हैं
जग समाया नाम में जिस
नाम वो श्रीराम है
कंठ में भी हृदय में भी
बस गये बस राम हैं… ||

प्रेरणा मेरे चलन की
और सहचर राम हैं…
राम हैं यात्रा स्वयं
और राम ही गंतव्य हैं !!
मैं जहाँ हूं और जहाँ जाऊ
वहा भी राम हैं..
राम हैं मेरी दिशा और
हर दिशा में राम हैं !! ||

रीत जग की देख ली
जब जब जिसे अपना कहा
साथ पल दो पल निभाकर
हर कोई जाता रहा…!!
नित्य बहती समय की
सरिता बडी उद्दाम हैं…
पा लिया निश्चल जिसे
वो एक रघुवीर राम हैं…

दिन दहाडे आज भी सीता उठाई जा रही है
छदम वेशो मे निरंतर घुमते रावण कई हैं …
आज हमको चाहिये वो राम जो कोदंडधारी
धर्मरक्षक, भूमिरक्षक, सर्वथा रिपुदमनकारी
कौन रोकेगा उसे फिर
साथ जिस के राम हैं !!

बुधवार, 17 जनवरी 2024

दर्शन देउ शंकर महादेव.../ राग : यमन कल्याण / गायन : उस्ताद राशिद खान

https://youtu.be/LrOu35Kr5mI
दर्शन देउ शंकर महादेव
महादेव तिहारे चरन बिन 
मोहे कल न परत घरी पल छिन 
आन पर्यो  है चरन तिहारी 
तुम्ही बचाओगे 
विपदा पडी मो पे भारी 


मंगलवार, 16 जनवरी 2024

पूजिसलॆंदे हूगळ तंदॆ.../ गायन : शिवश्री स्कन्दप्रसाद

https://youtu.be/UHbdk16PZ6k

"Poojisalendhe hoogaLa thande.." meaning
"to worship you, here I bring the flowers ..
seeking your darshan.. I stand waiting....
open the doors...o Rama...open the doors.. "

पूजा के फूल लिए प्रतीक्षा में खड़ा हूँ, राम ! द्वार खोलो 
द्वार खोलो, राम !

पूजिसलॆंदे हूगळ तंदॆ

पूजिसलॆंदे हूगळ तंदॆ
दरुशन कोरि ना निंदे…fu
तॆरॆयो बागिलनु राम…
तॆरॆयो बागिलनु राम…
पूजिसलॆंदे हूगळ तंदॆ

मोडदमेलॆ चिन्नद नीरु
चॆल्लुत सागिदॆ हॊन्निन तेरु
माणिक्यदारति…..आ…..अ…..
ऒलिदरु चॆन्न मुनिदरु चॆन्न
निन्नासरॆये बाळिगॆ चॆन्न
ना निन्न पादद धूळादरू चॆन्न – 2
स्वीकरिसु नन्ना…स्वामि

तॆरॆयो बागिलनु राम…..
पूजिसलॆंदे हूगळ तंदॆ
दरुशन कोरि ना निंदे…
तॆरॆयो बागिलनु राम
पूजिसलॆंदे हूगळ तंदॆ….

Lyrics : English

poojisalende hoogaLa thande
darushana kori naaninde
thereyo baagilanu raama 
thereyo baagilanu ||

moDada mele chinnada neeru 
chellutha saagide honnina theru
maaNikyadaarathi ushe thandihaLu 
thaamasa vekinnu swaami
thereyo baagilanu raama 
thereyo baagilanu ||

olidaru chenna munidaru chenna 
ninnasareye baaLige chenna
naa ninna paadada dhooLadaru 
chenna sweekarisu nanna swaami
thereyo baagilanu raama 
thereyo baagilanu ||

Lyrics : Kannad 

ಪೂಜಿಸಲೆಂದೆ ಹೂಗಳ ತಂದೆ
ದರುಶನ ಕೋರಿ ನಾ ನಿಂದೆ
ತೆರೆಯೋ ಬಾಗಿಲನು ರಾಮ ತೆರೆಯೋ ಬಾಗಿಲನು||

ಮೋಡದ ಮೇಲೆ ಚಿನ್ನದ ನೀರು ಚೆಲ್ಲುತ ಸಾಗಿದೆ ಹೊನ್ನಿನ ತೇರು
ಮಾಣಿಕ್ಯದಾರತಿ ಉಷೆ ತಂದಿಹಳು ತಾಮಸ ವೆಕಿನ್ನು  ಸ್ವಾಮೀ
ತೆರೆಯೋ ಬಾಗಿಲನು ರಾಮ ತೆರೆಯೋ ಬಾಗಿಲನು || ಪೂಜಿಸಲೆಂದೆ||

ಒಲಿದರು ಚೆನ್ನ ಮುನಿದರು ಚೆನ್ನ ನಿನ್ನಾಸರೆಯೇ ಬಾಳಿಗೆ ಚೆನ್ನ
ನಾನಿನ್ನ ಪಾದದ ಧೂಳಾದರು ಚೆನ್ನ ಸ್ವೀಕರಿಸೂ ನನ್ನ ಸ್ವಾಮೀ
ತೆರೆಯೋ ಬಾಗಿಲನು ರಾಮ ತೆರೆಯೋ ಬಾಗಿಲನು || ಪೂಜಿಸಲೆಂದೆ||

सोमवार, 15 जनवरी 2024

श्रित-कमला-कुच-मण्डल धृत-कुण्डल ए.../ संस्कृत / गीत गोविन्द / रचना :जयदेव गोस्वामी

 https://youtu.be/nIZEKzIsRDg


श्रित-कमला-कुच-मण्डल धृत-कुण्डल ए 

कलित-ललित-वन-माल जय जय देव हरे ()


दिन-मणि-मण्डल-मण्डन भव-खण्डन 

मुनि-जन-मानस-हंस जय जय देव हरे   ()


कालिय-विष-धर-गञ्जन जन-रञ्जन 

यदुकुल-नलिन-दिनेश जय जय देव हरे  ()


मधु-मुर-नरक-विनाशन गरुडासन 

सुर-कुल-केलि-निदान जय जय देव हरे  ()


अमल-कमल-दल-लोचन  भव-मोचन 

त्रिभुवन-भुवन-निधान जय जय देव हरे  () 


जनक-सुता-कृत-भूषण जित-दूषण 

समर-शमित-दश-कण्ठ जय जय देव हरे ()


अभिनव-जल-धर-सुन्दर धृत-मन्दर 

श्री-मुख-चन्द्र-चकोर जय जय देव हरे   ()

 

तव चरणं प्रणता वयम् इति भावय 

कुरु कुशलं प्रणतेषु जय जय देव हरे     ()


श्री-जयदेव-कवेर् इदं कुरुते मुदम् 

मङ्गलम् उज्ज्वल-गीतं जय जय देव हरे ()


अर्थ 

(१) भगवान हरि की जय, जय हो, भगवान के सर्वोच्च व्यक्तित्व, जो रत्नजड़ित बालियों और 
वन फूलों की माला से सुशोभित हैं और जिनके पैर कमल से चिह्नित हैं!

(२) प्रभु का चेहरा सूर्य के गोले की तरह चमकता है। वह अपने भक्तों के दुखों को दूर करते हैं और 
हंस रूपी संतों के मन का विश्राम स्थल हैं। महिमा! भगवान श्रीहरि की जय!

(३) हे परम व्यक्तित्व जिन्होंने राक्षसी कालिया नाग को नष्ट किया! हे भगवान, आप सभी 
जीवों के प्रिय हैं और यदुवंश की आकाशगंगा में सूर्य हैं। महिमा! भगवान श्रीहरि की जय.

(४) हे भगवान, राक्षसों मधु, मुर और नरक का नाश करने वाले! गरुड़ पर विराजमान, आप 
देवताओं के लिए आनंद का स्रोत हैं। हरि की जय हो!

(५) हे भगवान आपकी आंखें कमल की पंखुड़ियों की तरह हैं, और आप भौतिक संसार के बंधन 
को नष्ट कर देते हैं। आप तीनों लोकों के पालनकर्ता हैं। श्रीहरि की जय!

(६) हे भगवान, जनक के पुत्रों के रत्न के रूप में, आप सभी असुरों पर विजयी रहे, और आपने 
सबसे बड़े असुर, दस सिर वाले रावण को धराशायी कर दिया। श्रीहरि की जय!

(७) हे गोवर्धन पर्वत को धारण करने वाले भगवान! आपका रंग ताजा मानसून के बादल जैसा है, 
और श्री राधारानी एक ककोरा पक्षी की तरह हैं जो आपके चंद्रमा जैसे चेहरे की रोशनी पीकर 
पोषित होती है। महिमा! श्रीहरि की जय।

(८) हे भगवान, मैं आपके कमल चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। कृपया अपनी 
असीम दया से मुझे आशीर्वाद दें। महिमा! भगवान श्रीहरि की जय!

(९) कवि श्री जयदेव आपको भक्ति और उज्ज्वल सौभाग्य का यह गीत प्रस्तुत करते हैं। सर्व 
महिमा! भगवान श्रीहरि की जय हो!