https://youtu.be/ieq9PVKHitE?si=8cREB8jb3psnhxtX
rashmi rekh
शनिवार, 30 मई 2026
मिर्जापुर कइले गुलज़ार कचौड़ी गली सून कइले बलमू.../ गायन : डाॅ सोमा घोष
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय बनारस की कचौड़ी गली से एक क्रांतिकारी को रात तब पकड़ लिया जब वह अपनी प्रेयसी के साथ था। उसे पकड़ कर वे बनारस के पास एक शहर है मिर्जापुर, वहाँ ले गए। वहाँ से फिर उसे सजा देकर काला पानी (रंगून) भेज दिया। जहाँ से वह कभी न लौट सके!
मिर्जापुर कैले गुलजार हो,
एही मिर्जापुर से उड़ेले जहजिया,
पनवा से पातर भइल तोर धनिया,
शुक्रवार, 29 मई 2026
बड़ा जबरदस्त उसका इन्तजाम है... / फिल्म : कण कण में भगवान (१९६३) / गायक : महेंद्र कपूर / संगीत : पंडित शिवराम/ गीतकार : भारत व्यास
https://youtu.be/ZMB8mqS6sPA?si=H-nTT5kKLLkvapR5
ये दुनिया बनाना और बनाके फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
रात को ही रात परभात को परभात
शाम ही को शाम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
ये दुनिया बनाना और बनाके फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
जल पे है थल और थल पे आसमान है
फिर भी एक दुजे पे न बोझ के समान है
जल पे है थल और थल पे आसमान है
फिर भी एक दुजे पे न बोझ के समान है
गजब का ये जहान है
बिन खम्बे का मकान है
गजब का ये जहान है
बिन खम्बे का मकान है
जहा का एक एक तन उसका गुलाम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
ये दुनिया बनाना और बनाके फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
सूर्य चंदर तारे अपने धरम से न टल सके
इंसान की मजाल क्या जो उसका क्रम बदल सके
सूर्य चंदर तारे अपने धरम से न टल सके
इंसान की मजाल क्या जो उसका क्रम बदल सके
इक फूल भी खिले नहीं एक पत्ता भी हिले नहीं
इक फूल भी खिले नहीं एक पत्ता भी हिले नहीं
सारे जहाँ की उसके हाथ में लगाम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
ये दुनिया बनाना और बनाके फिर चलाना
बस उसी का काम है
बड़ा जोरदार उसका इंतज़ाम है
हो बड़ा जबर दस्त उसका इंतज़ाम है
रविवार, 24 मई 2026
मैं तो सांवरे के रंग राची.../ मीराबाई / गायन : शैला हट्टंगणी
https://youtu.be/nk_vqliI5wU?si=YvC3Uu8ZqNoS6Kp
मैं तो सांवरे के रंग राची।
साजि सिंगार बांधि पग घूंघरू, लोक-लाज तजि नाची।।
गई कुमति, लई साधुकी संगति, भगत रूप भइ सांची।
गाय गाय हरि के गुण निसदिन,कालव्यालसूं बांची।।
उण बिन सब जग खारो लागत, और बात सब कांची।
मीरा श्रीगिरधरन लालसूं, भगति रसीली जांची।।
गुरुवार, 21 मई 2026
एक तो नैनाँ कजरारे और तिस पर डूबे काजल में.../ शायर : जां निसार अख़्तर / संगीत : जय देव / गायन : शैला हट्टंगड़ी
https://youtu.be/Hs0jM7xCNow?si=mdnHVmBa3nqLeVaZ
एक तो नैनाँ कजरारे और तिस पर डूबे काजल में
बिजली की बढ़ जाए चमक कुछ और भी गहरे बादल में
आज ज़रा ललचाई नज़र से उस को बस क्या देख लिया
पग-पग उस के दिल की धड़कन उतरी आए पायल में
प्यासे प्यासे नैनाँ उस के जाने पगली चाहे क्या
तट पर जब भी जावे सोचे नदिया भर लूँ छागल में
आज पता क्या कौन से लम्हे कौन सा तूफ़ाँ जाग उठे
जाने कितनी दर्द की सदियाँ गूँज रही हैं पल पल में
हम भी क्या हैं कल तक हमको फिक्र सुखों की रहती थी
आज सुखों से घबराते हैं चैन मिले है हलचल में
बुधवार, 20 मई 2026
कोई चौदहवीं-रात का चाँद बन कर.../ शायर : अख़्तर आज़ाद / गायन : जगजीत सिंह
https://youtu.be/IAKOa0McuaI?si=CrtGFMfIH7bXwu9J
कोई चौदहवीं-रात का चाँद बन कर तुम्हारे तसव्वुर में आया तो होगा
किसी से तो की होगी तुम ने मोहब्बत किसी को गले से लगाया तो होगा
किसी से तो की होगी तुम ने मोहब्बत किसी को गले से लगाया तो होगा
लबों से मोहब्बत का जादू जगा के भरी बज़्म में सब से नज़रें बचा के
निगाहों के रस्ते से दिल में समा के किसी ने तुम्हें भी चुराया तो होगा
तुम्हारे ख़यालों की अँगनाइयों में मिरी याद के फूल महके तो होंगे
कभी अपनी आँखों के काजल से तुम ने मिरा नाम लिख कर मिटाया तो होगा
कभी आइने से निगाहें मिला कर जो ली होगी भरपूर अंगड़ाई तू ने
तो घबरा के ख़ुद तेरी अंगड़ाइयों ने तिरे हुस्न को गुदगुदाया तो होगा
निगाहों में शम-ए-तमन्ना जला कर तकी होंगी तुम ने भी राहें किसी की
किसी ने तो वा'दा किया होगा तुम से किसी ने तो तुम को रुलाया तो होगा
जुदा हो गया होगा जब कोई तुम से दिया होगा जब तुम को धोका किसी ने
हमारी वफ़ा याद आई तो होगी हमें अपने नज़दीक पाया तो होगा
सोमवार, 18 मई 2026
नवनीतचोरा नमो नमो.../ अन्नमाचार्य कृति / गायन : सिन्धु रागेश्वरी एवं सिवानन्द यसस्वी
https://youtu.be/TVQxun4tFBg?si=eRXl-QF9mdjOEA-N
Navaneetha Chora Namo Namo is a beautiful Carnatic composition written by the 15th-century saint-poet Talapaka Annamacharya. Dedicated to Lord Krishna, the song praises his various incarnations and divine attributes.
पल्लवी
नवनीतचोरा नमो नमो
नव महिमार्णव नमो नमो
चरणम् १
हरि नारायण केशव अच्युत कृष्ण नरसिम्हा वामन नमो नमो
मुराहर पद्मनाभ मुकुंद गोविंद नारायण नारायण नमो नमो
चरणम् २
निगम गोचार विष्णु नीरजाक्ष वासुदेव नागधर नंदगोप नमो नमो
त्रिगुणातीत देव त्रिविक्रम द्वारका नगराधि नायक नमो नमो
चरणम् ३
वैकुंठ रुक्मिणी वल्लभ चक्रधर नकेश वंदिता नमो नमो
श्रीकर गुणनिधि श्री वेंकटेश्वर नकाजनुता नमो नमो
Brief Meaning
The song translates to: "Salutations to the stealer of butter, salutations to the ocean of new and divine glories." The stanzas worship Lord Krishna in all his forms, including as Hari, Narayana, and Venkateshwara, as well as the protector of his devotees and the Lord of Dwaraka.
बुधवार, 6 मई 2026
वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा.../ शायरा : परवीन शाकिर
https://youtu.be/LQ_o30t-Y3c?si=69mLwwupWSezPEcd
वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा
मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा
हम तो समझे थे कि इक ज़ख़्म है भर जाएगा
क्या ख़बर थी कि रग-ए-जाँ में उतर जाएगा
वो हवाओं की तरह ख़ाना-ब-जाँ फिरता है
एक झोंका है जो आएगा गुज़र जाएगा
वो जब आएगा तो फिर उस की रिफ़ाक़त के लिए
मौसम-ए-गुल मिरे आँगन में ठहर जाएगा
आख़िरश वो भी कहीं रेत पे बैठी होगी
तेरा ये प्यार भी दरिया है उतर जाएगा
मुझ को तहज़ीब के बर्ज़ख़ का बनाया वारिस
जुर्म ये भी मिरे अज्दाद के सर जाएगा
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