रविवार, 22 मार्च 2026

मत जा, मत जा, जोगी.../ मीराबाई / गायन : संध्या राव

https://youtu.be/uAWn21bTc5c?si=1QRGh7K4LkOKuMW9

मत जा, मत जा, जोगी, 
पाँव पढ़ूँ मैं तोरे, पाँव पढ़ूँ मैं तोरे,
मत जा, मत जा, जोगी, जोगी, जोगी 

प्रेम भक्ति को पंथ ही न्यारो, 
हम को गैल(रास्ता) बता जा जोगी 
पाँव पढ़ूँ मैं तोरे, पाँव पढ़ूँ मैं तोरे,
मत जा, मत जा, जोगी, जोगी, जोगी 

अगर चंदन की चिता बनाऊँ, 
अपने हाथ जला जा जोगी, जोगी 
पाँव पढ़ूँ मैं तोरे, पाँव पढ़ूँ मैं तोरे,
मत जा, मत जा, जोगी, जोगी, जोगी 

जल जल भयी भस्म की ढेरी, 
अपने अंग लगा जा जोगी 
पाँव पढ़ूँ मैं तोरे, पाँव पढ़ूँ मैं तोरे,
मत जा, मत जा, जोगी, जोगी, जोगी 

मीरा कहे प्रभि गिरधर नगर, 
ज्योत से ज्योत मिला जा जोगी 
पाँव पढ़ूँ मैं तोरे, पाँव पढ़ूँ मैं तोरे,
मत जा, मत जा, जोगी, जोगी, जोगी 
मत जा, मत जा, जोगी, जोगी, जोगी

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