शुक्रवार, 5 जून 2026

घाट पर ठाड़े श्री मदनगोपाल.../ गायन : मुदिता एवं रुचिता जमरिया

https://youtu.be/WIKkpp2liSU?si=O2Q6KbL6F3BqdqKl


घाट पर ठाड़े श्री मदनगोपाल ।
कौन युक्ति कर भरों री यमुनाजल पर्यो है हमारे ख्याल ।।

घोस बढ़्यो घर सास  रिसैहै चल न सकत एक चाल ।
कहा करुं अब यो नहीं मानत सुंदर नंदको लाल ।।

कछुक संकोच कछु चोप मिलन की परी प्रेम की जाल ।
परमानंद स्वामी चित चोर्यों वेणु बजाय रसाल ।।

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