शनिवार, 26 सितंबर 2026

विशमक्कारा कन्नन.../ ऊथुक्काडु वेंकट सुब्बैयर कृति

https://youtu.be/BW9cokdvOGE  


*विशमक्कारा* तमिल भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है बहुत अधिक शरारती, नटखट या उपद्रवी।
*कन्नन* : तमिल में भगवान श्रीकृष्ण का नाम (कृष्ण) है। 
यह प्रसिद्ध कर्नाटक संगीत का एक लोकप्रिय पद/गीत है जिसे ऊथुक्काडू वेंकट सुब्ब अय्यर ने रचा है। इस गीत में बचपन में भगवान कृष्ण द्वारा की जाने वाली विभिन्न शरारतों और लीलाओं का वर्णन किया गया है।

*विशमक्कारा कन्नन*
*ऊथुक्काडु वेंकट सुब्बैयर कृति*
*अनुवाद : पी.आर.रामचंदर*

पल्लवी 
विशमक्कारा कन्नन, पोलाधा, विशमक्कारा कन्नन 
अनुपल्लवी 
वेदिक्कयै पट्टू पड़ी विधा विधामय आट्टम आदि, 
नाझिक्कोरु लीलै सेय्यूम, नंदगोपाल कृष्णन। 

चरणम् १.
नीला मेघम पोल इरुप्पन-पडिनाले, 
नेन्जिल वंधु कुडियिरुप्पन, 
कोला पुल्लंगुझल ऊधी गोपीकलाई कल्लम आदि, 
कोंजुम पोधु, कोंजम पोला वेन्नई ठाडी येंद्रु अतामुदन,

 चरणम् २.
पिन्नालाई पिन्नादी इझुप्पन-येथो, 
पेसी पेसी जड़ाई कट्टी अझिप्पन, 
येन्नाथुकु पिन्नलाई नी इझुथाई येंद्रल, 
कन्नझागु वेंडी येंदन करुथाई यिझुथथु येनबन 

चरणम् ३.
पकाथु वीतु पेनाई अज़हिप्पन, मुगारी रागम, 
पाडा सोल्ली वम्बुक्किज़प्पन, 
येनक्कु अथु थेरियादेंद्राल- मुगारी रागमा, 
येनाक्कथु थेरियाथु एंड्राल, नेक्कुरुगी किलि विट्टू, 
अवल विक्की, विक्की अजहुम पोथु, 
इथु ​​थानाडी मुगारी येनबन। 

चरणम् ४. 
वेन्नई पनाई मूडा कूडाथु, ओरिलुल्ला, 
वेन्नई पनाई मूडा कूडाथु , 
इवान वन्थु विझुंगिनालुम केतका कूडाथु , 
इवान अम्मा कित्ता सोल्ला कूडाथु, 
सोल्ली विट्टल अट्टहासम थांगा मुदियाथु। 
सुम्मा ओरु पेचुक्कम थिरुडन येंद्रु सोलि विट्टल, 
अम्मा , पट्टी, अथाई अथानायुम थिरुडन येनबान 

*हिन्दी अनुवाद :*

पल्लवी :
शरारती कृष्ण, भयानक, शरारती कृष्ण। 

अनुपल्लवी : 
हास्य गीत गाती, तरह-तरह से नृत्य करती, 
नंदगोपाल के पुत्र कृष्ण, 
हर आधे घंटे में एक नाटक करते।
 
चरणम १. 
वह नीले बादल के समान होगा—और यदि वह गाए, 
तो वह आकर हमारे हृदय में बस जाएगा। 
और जब वह अपनी बांसुरी बजाते हुए और 
झूठी प्रेम-प्रसंग की बातें करते हुए गोपियों से पूछेगा, 
“हे, मुझे थोड़ा सा मक्खन दो।” 

चरणम् २. 
वह पीछे से उनकी चोटी खींचेगा और 
मीठी-मीठी बातें करेगा और 
धीरे-धीरे उनकी चोटी खोलेगा। 
और यदि वे पूछें, “आपने मेरी चोटी क्यों खींची?”, 
तो वह कहेगा, “मेरे मन ने इसे और सुंदर आँखें 
पाने के लिए खींचा।” 

चरणम् ३. 
वह पड़ोस के घर की लड़की को बुलाएगा और 
उससे मुकारी राग गाने को कहेगा और 
उसे बेवजह परेशान करेगा। 
और मान लीजिए वह कहे, “मुझे नहीं पता, 
क्या यह मुकारी राग है, मुझे नहीं पता”, 
तो वह दया का नाटक करते हुए उसे चुटकी काटेगा। 
और जब वह बेकाबू होकर रोने लगेगी, 
तो वह कहेगा, “यह मुकारी राग है।” 

चरणम् ४. 
उन्होंने कहा था कि “मक्खन का पात्र बंद नहीं किया जाना चाहिए। शहर के सभी मक्खन के पात्र बंद नहीं किए जाने चाहिए।”

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें