https://youtu.be/bZnDjlEevoE
मथुरा नगर की डगर मे चल्यो जात पायो है हरि हीरा ।।
सुन री भटु लटु भयो डोलत, गोकुल गाम को अहीरा ।।१।।
सुन री भटु लटु भयो डोलत, गोकुल गाम को अहीरा ।।१।।
बन ते जु आवत बेनु बजावत, बंसीबट यमुना के तीरा ।।
"परमानंद" दास को ठाकुर, हँस दीनो मुख बीरा ।।२।।
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