
सभी बेटिओं को समर्पित
लाडली बिटिया मेरी....
- अरुण मिश्र मेरे घर की रोशनी है, मेरे आँगन की कली है|
बेल में परिवार के मेरे फली, मीठी फली है|
संस्कारों में रची है, वंश की विरुदावली है|
लाडली बिटिया मेरी मासूम,भोली है, भली है||



