किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूं अभी
मेरे रुकते ही मिरी सांसें भी रुक जाएंगी
मुझ को एहसास दिला दो कि मैं ज़िंदा हूं अभी
फ़ासले और बढ़ा दो कि मैं ज़िंदा हूं अभी
ज़हर पीने की तो आदत थी ज़माने वालो
अब कोई और दवा दो कि मैं ज़िंदा हूं अभीचलती राहों में यूंही आंख लगी है 'फ़ाकिर'
भीड़ लोगों की हटा दो कि मैं ज़िंदा हूं अभी
Fantastic song and singing.
जवाब देंहटाएंPlease replace this video with original video so that the audio can be preserved by music lovers. https://youtu.be/ckdg0yA72as
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