सोमवार, 13 जुलाई 2026

अता मुझे ये नेमत कर दे या अल्लाह.../ अरुण मिश्र

स्वर्गीय क़तील शिफ़ाई की ग़ज़ल 
'दर्द से मेरा दामन भर दे या अल्लाह...' 
की तर्ज पर, संगीतकार श्री केवल कुमार जी 
के अनुरोध पर कहे गए कुछ शेर' :

-अरुण मिश्र 

अता मुझे ये नेमत कर दे या अल्लाह 
रहमत की एक नज़र तो कर दे या अल्लाह 

मत दे मुझको माल-ओ-ज़र मत दे
अपने दर का चाकर कर दे या अल्लाह 

किसी दुखी के दुःख को थोड़ा बाँट सकूँ
इतने भर का लायक कर दे या अल्लाह 

नूर से तेरे है ये सारा जग जग-मग
मेरा दिल भी रोशन कर दे या अल्लाह 

भले छीन ले मुझसे मेरी हर दौलत 
पर अपना दीवाना कर दे या अल्लाह

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