गुरुवार, 22 अक्तूबर 2020

जगत जननी भवतारिणी, मोहिनी तू नवदुर्गा .../ भजन / राग भैरवी / डॉ प्रभा अत्रे

 https://youtu.be/gJyFCIyRjjI 

जगत जननी भवतारिणी, मोहिनी तू नवदुर्गा । तू भवानी महाकाली, तू शिवानी मंगला ॥धृ॥ शारदा सरस्वती, ज्ञान देवी वंदना । शांती सुख की हो विमला, ज्ञानदा तू हो सफला ॥१॥ लक्ष्मी धन की संपदा, पुरी करत कामना । ऋषी मुनीजन सकल प्रिया, कोमला तू चंचला ॥२॥ शारदा तू ज्ञानदा, लक्ष्मी तू है संपदा । काली दुर्गा शकित्मा, कोटि में है तुम्हे प्रणाम ॥३॥

(कोटि में है तुम्हे प्रणाम - Needs correction.)

Prabha Atre is an Indian classical vocalist from the Kirana gharana. 
Dr. Prabha Atre holds the world record to have released 11 books. 
She released 11 books on music in Hindi and English at India Habitat 
Centre, New Delhi on 18 April 2016. 

Born13 September 1932 (age 88 years), Pune
ParentsIndirabai AtreAabasaheb Atre
Education: 
  • Bachelor of Science, Fergusson College, University of Pune
  • Bachelor of Law, Law College, University of Pune
  • Sangeet Alankar (Master of Music), Gandharva Mahavidyalaya Mandal
  • Doctor of Music — research on sargam
HonoursPadma Shri (1990); Padma Bhushan (2002)
AwardsSangeet Natak Akademi Award for Hindustani Music - Vocal

6 टिप्‍पणियां: