शनिवार, 18 जुलाई 2026

भरि नगरी मे शोर.../ मैथिल लोक गीत / रचना : रवीन्द्र नाथ ठाकुर / गायन : सुमन कल्याणपुर

https://youtu.be/zLRkBPfDH4w


भरि नगरी मे शोर 
बउआ मामी तोहर गोर 
मामा चाँद सन !

नानी-नाना दूनो तोहर 
खाली गाल बजाबय
बाबी तोहर गंगा तन छौ
बाबा बनल हिमालय 
अरे !
मौसा तोहर चोर 
मौसी मुंहक बड्डजोर 
मैया पान सन !

थैया-थैया चलू कन्हैया 
थैया-थैया ता-ता थैया
थैया-थैया चलू कन्हैया
जहिना भोर बसाय 
धरती मैया सब दुःख हरनि
खसबले कोनो बाय
बउआ मोती सन इ लोर
बीछत खाली आंचल मोर
अपने प्रान सन !

अपना कुल के लाल कमल 
त काकिक सूगा-मैना
एहि दुखिया के हंसी-खुसी
आ बापक नइ हय खिलौना
कहु बाबू
तो आसि के चकमक भोर 
हंसिबे खोलिके दूनू ठोर 
कूटल धान सन !

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