https://youtu.be/zLRkBPfDH4w
भरि नगरी मे शोर
बउआ मामी तोहर गोर
मामा चाँद सन !
बउआ मामी तोहर गोर
मामा चाँद सन !
नानी-नाना दूनो तोहर
खाली गाल बजाबय
बाबी तोहर गंगा तन छौ
बाबा बनल हिमालय
अरे !
मौसा तोहर चोर
मौसी मुंहक बड्डजोर
मैया पान सन !
थैया-थैया चलू कन्हैया
थैया-थैया ता-ता थैया
थैया-थैया चलू कन्हैया
जहिना भोर बसाय
धरती मैया सब दुःख हरनि
खसबले कोनो बाय
बउआ मोती सन इ लोर
बीछत खाली आंचल मोर
अपने प्रान सन !
अपना कुल के लाल कमल
त काकिक सूगा-मैना
एहि दुखिया के हंसी-खुसी
आ बापक नइ हय खिलौना
कहु बाबू
तो आसि के चकमक भोर
हंसिबे खोलिके दूनू ठोर
कूटल धान सन !
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें