https://youtu.be/NgjefMWpdfI?si=sOBtvYMsTVRk8PAW
आँसू किसी का देख कि बीमार मर गया
जाम-ए-हयात एक ही क़तरे में भर गया
जाम-ए-हयात एक ही क़तरे में भर गया
छोड़ो वफ़ा का नाम वफ़ादार मर गया
तुम जिस हवा में हो वो ज़माना गुज़र गया
सय्याद देख ली कशिश-ए-मौसम-ए-बहार
उड़ उड़ के बाग़ में मिरा एक एक पर गया
देखा न तुम ने आँख उठा कर भी बज़्म में
आँसू तो मैं न था जो नज़र से उतर गया
वक़्त आ गया है यार के वा'दे का ऐ 'क़मर'
देखो वो आसमान सितारों से भर गया
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