शुक्रवार, 14 मार्च 2025

गोपी गोपाल लाल रासमंडल माहीं.../ सूरदास कृति / गायन : पूर्वा धनश्री एवं पावनी कोटाह / प्रस्तुति : कुलदीप एम. पई

https://youtu.be/h-_GZHwK108   

गोपी गोपाल लाल
रासमंडल माहीं ।
तात्ताथेई ता सुधंग
निरत गहि बाहीं ।।

द्रुम द्रुम द्रुम द्रुम मृदंग
छन नन नन रूप रंग
दृगतादृग तालतंग
उघटत रसनाई ।।

बीच लाल बीच बाल
प्रति प्रति अति द्युति रसाल
अविगत गति अति उदार
निरखि दृग सराहीं ।।

श्रीराधामुख शरत चंद
पोंछत जल श्रम अनंद
श्रीव्रजचंद लटक लटकत
करत मुकुट छाहीं ।।

चकित थकित यमुना नीर
खग मृग जग मग शरीर
धन नंदके कुमार बलि-बलि जाय
सूरदास रास सुख तिहारहीं ।।

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