रविवार, 13 मार्च 2022

बेज़ुबानी ज़ुबाँ न हो जाये / शायर : सुदर्शन फ़ाक़िर / गायिका : मलिका पुख़राज

https://youtu.be/Cq_MLe8e_uI   


बेज़ुबानी ज़ुबाँ न हो जाये 
राज़-ए-उल्फ़त अयाँ न हो जाये

इस क़दर प्यार से न देख मुझे
फिर तमन्ना जवाँ न हो जाये

लुत्फ़ आने लगा जफ़ाओं में
वो कहीं मेहरबाँ न हो जाये

ज़िक्‌र उनका ज़ुबान पर आया
ये कहीं दास्ताँ न हो जाये

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें