बुधवार, 17 नवंबर 2021

घूँघट के पट खोल रे, तोहे पिया मिलेंगे.../ भजन / सन्त कबीर / प्रस्तुति : जगदीश धर्मक एवं प्रकाश धर्मक

 https://youtu.be/p7j1NDbElvI 

 


घूँघट के पट खोल रे,
तोहे पिया मिलेंगे ।

घट घट मै तेरे साईं बसत है,
कटुक बचन मत बोल रे ।

धन जोबन का गरब ना कीजे,
झूठा इन का मोल ।

जाग जतन से रंग महल में,
पिया पायो अनमोल ।

सूने मंदिर, दिया जला के,
आसन से मत डोल ।

कहत ‘कबीर’ सुनो भाई साधों,
अनहद बाजत ढोल ।

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