सोमवार, 25 मार्च 2024

होली खेल मना रे फागुन के दिन चार रे !.../ मीरा बाई / गायन : मेघा मिश्रा एवं अन्य

 https://youtu.be/DMgshSuFGvQ 

होली खेल मना रे फागुन के दिन चार रे

बिन करताल पखावज बाजै अणहदकी झणकार रे।
बिन सुर राग छतीसूं गावै रोम रोम रणकार रे॥

सील संतोखकी केसर घोली प्रेम प्रीत पिचकार रे।
उड़त गुलाल लाल भयो अंबर, बरसत रंग अपार रे॥

घटके सब पट खोल दिये हैं लोकलाज सब डार रे।
मीराके प्रभु गिरधर नागर चरणकंवल बलिहार रे॥

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